Lord Vardhman Mahavir Biography

भगवान महावीर (Vardhman Mahavir) जैन धर्म के24वें और अंतिम सुधारक या तीर्थंकर थे। इनका जन्म 599 ई.पू. में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को हुआ था। उनका जन्मस्थान भारत के वर्तमान राज्य बिहार में आधुनिक…

Continue ReadingLord Vardhman Mahavir Biography

Teerthankar Mahaveer Swami | महावीर

पार्श्वनाथ और महावीर एक ही सांस्कृतिक परम्परा के प्रचारक-उपदेशक थे, यह वात आज निर्विवाद रूप से सिद्ध हो छुकी है । इस बात को प्रमाण मान लेने पर यह स्वतः सिद्ध हो जाता है कि जैन-परम्परा के प्रवर्तक…

Continue ReadingTeerthankar Mahaveer Swami | महावीर

Know about Jainism | जैन धर्म

भारतवर्ष की संस्कृति एवं विरासत की नींव के मुख्य आधार यहाँ के अलग-अलग धर्म एवं जातियां हैं। जिस प्रकार से भारत में आपको सभी धर्म आपस में घुले-मिले मिलेंगे वैसा संसार में कहीं नहीं है। भारत के प्रमुख…

Continue ReadingKnow about Jainism | जैन धर्म

Bhojpur Historical Temple | भोजपुर शिवलिंग

भारत की धार्मिक विभिन्नता में एकता ही भारत की असली पहचान है। भारत में हमेशा सभी धर्मों का सम्मान एवं स्वागत खुले दिल से किया जाता रहा है।  इसका सजीव प्रमाण यहाँ की धार्मिक इमारतें हैं जैसे मंदिर,…

Continue ReadingBhojpur Historical Temple | भोजपुर शिवलिंग

Miracles of Kamakhya | दिव्य कामाख्या देवी

अत्यंत मान्यता प्राप्त कामाख्या देवी मंदिर (Kamakhya) आज तक अपने भीतर इस रहस्य  को छुपाये है, कि तीन दिन तक बंद कपाट के पीछे ऐसा क्या होता है ,जो चौथे दिवस रक्तरंजीत देवी का अधोवस्त्र प्राप्त होता है। …

Continue ReadingMiracles of Kamakhya | दिव्य कामाख्या देवी

Holi holika dahan utsav | होली होलिका दहन

विशेष रूप से मध्य भारत में इस उत्सव (Holi holika dahan) का विशेष महत्व है। होली के त्यौहार के साथ भारत में फागुन ऋतु का स्वागत रंगों एवं हर्षोल्लास से किया जाता है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होलिका…

Continue ReadingHoli holika dahan utsav | होली होलिका दहन

View about Realism | यथार्थवाद के मत

यह स्पष्ट ही है, कि यथार्थवाद (Realism), आदर्शवाद (Idealism) की तरह जड़ तत्त्व का अपलाप नहीं करता। चार्वाक जैसे कुछ यथार्थवादी दर्शन ऐसे तो मिल सकते हैं, जो स्वतंत्र चेतन तत्त्व न मानते हों। किन्तु ऐसा कोई भी…

Continue ReadingView about Realism | यथार्थवाद के मत

Idea of Idealism philosophy | आदर्शवाद

कुछ लोग यह समभते है, कि आदर्शवाद (Idealism) वह सिद्धान्त है, जो स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले संसार को यथार्थ न समझ कर उसके मूल्यांकन या स्वरूप-निर्णय में कुछ कमी कर देता है। संसार का स्वरूप जैसा…

Continue ReadingIdea of Idealism philosophy | आदर्शवाद

Indian philosophy trends | भारतीय दर्शन

आश्चर्य, जिज्ञासा और संशयादि कारण जिनसे दर्शन का प्रादुर्भाव होता है, मुख्यरूप से पाश्च्यात परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हैं। अब हम यह देखने का प्रयत्न करेंगे, कि भारतीय परम्परा इस विषय में क्या मानती है? सामान्य रूप से…

Continue ReadingIndian philosophy trends | भारतीय दर्शन

Philosophy Love of Wisdom | फिलोसोफी

अँग्रेजी शब्द ‘फिलोसोफी’ ( Philosophy ) जो कि दर्शन का पर्यायवाची है, ग्रीक भाषा के दो शब्दों ‘फिलोस’ (Philos) और ‘सोफिया’ (Sofia) से मिल कर बना हैं। फिलोस का अर्थ होता है, प्रेम और सोफिया का अर्थ बुद्धि…

Continue ReadingPhilosophy Love of Wisdom | फिलोसोफी