Lord Vardhman Mahavir Biography

भगवान महावीर (Vardhman Mahavir) जैन धर्म के24वें और अंतिम सुधारक या तीर्थंकर थे। इनका जन्म 599 ई.पू. में चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को हुआ था। उनका जन्मस्थान भारत के वर्तमान राज्य बिहार में आधुनिक…

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Teerthankar Mahaveer Swami | महावीर

पार्श्वनाथ और महावीर एक ही सांस्कृतिक परम्परा के प्रचारक-उपदेशक थे, यह वात आज निर्विवाद रूप से सिद्ध हो छुकी है । इस बात को प्रमाण मान लेने पर यह स्वतः सिद्ध हो जाता है कि जैन-परम्परा के प्रवर्तक…

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Know about Jainism | जैन धर्म

भारतवर्ष की संस्कृति एवं विरासत की नींव के मुख्य आधार यहाँ के अलग-अलग धर्म एवं जातियां हैं। जिस प्रकार से भारत में आपको सभी धर्म आपस में घुले-मिले मिलेंगे वैसा संसार में कहीं नहीं है। भारत के प्रमुख…

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Mysterious land Shangri-La | शांगरिला

शंगरीला (Shangri-La) रहस्यों से भरी एक ऐसी जगह है, जिसका वर्णन ब्रिटिश उपन्यासकार जेम्स हिल्टन के उपन्यास “लॉस्ट होराइजन” में मिलता है।  अपने उपन्यास में हिल्टन एक ऐसी दुनिया के रूप में शंगरीला की कल्पना करते हैं, जहाँ…

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View about Realism | यथार्थवाद के मत

यह स्पष्ट ही है, कि यथार्थवाद (Realism), आदर्शवाद (Idealism) की तरह जड़ तत्त्व का अपलाप नहीं करता। चार्वाक जैसे कुछ यथार्थवादी दर्शन ऐसे तो मिल सकते हैं, जो स्वतंत्र चेतन तत्त्व न मानते हों। किन्तु ऐसा कोई भी…

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Idea of Idealism philosophy | आदर्शवाद

कुछ लोग यह समभते है, कि आदर्शवाद (Idealism) वह सिद्धान्त है, जो स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले संसार को यथार्थ न समझ कर उसके मूल्यांकन या स्वरूप-निर्णय में कुछ कमी कर देता है। संसार का स्वरूप जैसा…

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Indian philosophy trends | भारतीय दर्शन

आश्चर्य, जिज्ञासा और संशयादि कारण जिनसे दर्शन का प्रादुर्भाव होता है, मुख्यरूप से पाश्च्यात परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हैं। अब हम यह देखने का प्रयत्न करेंगे, कि भारतीय परम्परा इस विषय में क्या मानती है? सामान्य रूप से…

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Philosophy Love of Wisdom | फिलोसोफी

अँग्रेजी शब्द ‘फिलोसोफी’ ( Philosophy ) जो कि दर्शन का पर्यायवाची है, ग्रीक भाषा के दो शब्दों ‘फिलोस’ (Philos) और ‘सोफिया’ (Sofia) से मिल कर बना हैं। फिलोस का अर्थ होता है, प्रेम और सोफिया का अर्थ बुद्धि…

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Vision of Darshan | दर्शन का स्वरुप

जिस प्रकार धर्म का स्वरूप का वर्णन कठिन है, उतना ही मुश्किल दर्शन ( Darshan ) के स्वरुप को समझाना है। साधारणतः आँखों को दृष्टि अथवा विज़न ( vision ) कहते है। जिसका प्रयोग हम इस जगत को…

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Region of vigyan | विज्ञान का क्षेत्र

विज्ञान ( vigyan ) के दो प्रयोजन होते हैं। एक ओर तो यह इच्छा रहती है, कि अपने क्षेत्र में जितना जाना जा सके उतना जान लिया जाय। दूसरी ओर यह प्रयत्न रहता है, कि जो कुछ जान…

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