Tatv gyan se divya drishti swara yoga

स्वर-योग तत्व ज्ञान से दिव्य दृष्टि ( Tatv gyan se divya drishti ) संबंधी जो ग्रंथ उपलब्ध होते हैं, उनमें प्रश्नोत्तर या भविष्य कथन के संबंध में भी कुछ उल्लेख मिलता है। जिस मनुष्य को स्वर, ज्ञान है,…

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Asana Bandhas and Mudra | आसन बन्ध मुद्रा

योग के आठों अंगों का अपना विशिष्ट महत्त्व है, और वे साधक को अपने से अगले अंग के सुयोग्य बनाते हैं। यम और नियम तो भूमिकात्मक अंग हैं, किन्तु शेष छ: अंग तो योग से प्रत्यक्ष और अविभिन्‍न…

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Dharna Dhyana Samadhi | धारणा ध्यान समाधि

आसनों से रोग नष्ट होते हैं, तथा शारीरिक सामर्थ्य उत्पन्न होती है। प्राणायाम से समस्त पाप नष्ट होते हैं। शरीर का शोधन होता है। प्रत्याहार से मन के विकार नष्ट होते एवं पात्रता उत्पन्न होती है। धारणा (dharna)…

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Pranayama complete steps | प्राणायाम

योग में सभी के लिए प्राणायाम ( Pranayama ) ही सबसे अधिक कौतुहल का विषय होता है, और हो भी क्यों न सभी योगिक क्रियाओ में इसका एक विशेष स्थान है। प्राणायाम के नित्य अभ्यास को पाप रूपी…

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Yoga complete 101 | योग संपूर्ण विवरण

योग ( yoga ) क्‍या है ? मन की वृत्तियों पर काबू पाना ही योग है। योग केवल आसन ही नहीं, आहार, व्यव्हार, अचार विचार के तालमेल से जीवन को सुन्दर बनाने का नाम ही योग है। वर्तमान…

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kundalini door to unlock body secrets

यदि मूल रूप में देखा जाये तो कुण्डलिनी (kundalini ) ही समस्त अध्यात्म, तंत्र, मंत्र, यंत्र, योग और धर्म का केंद्र बिंदु है। हमारे शरीर का वह द्वार है, जहा से प्रवेश करने के उपरांत ही हमारे आध्यात्मिक…

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Muladhara Chakra Reveal | मूलाधार चक्र भेद

जो समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखता है, और पुनर्स्थापित करता है। ऊर्जा की पहली और महत्वपूर्ण शक्ति मूलाधार चक्र ( Muladhara Chakra or Root Chakra ) होती है। हमारे शरीर में 7 चक्र मिलकर शरीर के ऊर्जा केंद्रों…

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