हम सभी को अपना जीवन यापन करने तथा दैनिक उपयोगी वस्तुओं के क्रय विक्रय के लिए धन की आवश्यकता होती है।  

हर व्यक्ति धनार्जन के लिए किसी न किसी प्रकार के रोज़गार या व्यवसाय का सहारा लेता है। अपने व्यवसाय या नौकरी के लिए हम एक कार्यस्थल या कार्यालय की स्थापना करते हैं। 

प्राचीन वास्तु विज्ञान में हमको हमारे व्यावसायिक स्थल के निर्माण, स्थापना एवं परिचालन सम्बन्धी नियमों (Office vastu tips) का विस्तार पूर्वक उल्लेख प्राप्त होता है। 

जिसकी सहायता से आप अपने धनागम के मार्ग एवं अवसरों में बढ़ोतरी कर सकते है, ताकि आप एक सुखद एवं शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें। 

छोटे व्यवसायों का वित्तीय संचालन मुख्य रूप से भुगतान प्राप्तियों तथा  नकदी प्रवाह पर निर्भर करता है, वही वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए बड़े व्यवसायों के अपने स्रोत होते हैं।

कार्यालय में समृद्धि और सकारात्मकता का मार्ग प्रशस्त करने के लिए सजावट की वस्तुओं को सही प्रकार एवं दिशा में रखा जाना चाहिए।

आप अपने किसी भी काम में तभी सफल हो पाते हैं, जब आपके कार्यस्थल का वातावरण शांतिपूर्ण और उत्साही होता है। 

 इसलिए ऑफिस में सजावट की वस्तुओं का सही स्थान न केवल वित्तीय समृद्धि सुनिश्चित करता है, बल्कि व्यक्ति की समग्र तरक्की में भी सुधार करता है।

Office vastu tips | कार्यालय वास्तु उपाय

वास्तु शास्त्र के अनुसार आपकी नौकरी या व्यवसाय में तभी तरक्की हो सकती है ,जब वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार सही प्रकार से हो पाता है, तो वहां काम करने वालों का भी सर्वांगीण विकास हो पाता है। 

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Entrance | प्रवेश द्वार

ऑफिस या कार्यालय के लिए भी उसका प्रवेश द्वार उतना ही महत्वपूर्ण होता है, जितना आपके घर के लिए। क्योंकि यहीं से सबसे अधिक सकारात्मक या नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह आपके कार्यालय में होता है। 

ऑफिस का मुख्य द्वार या प्रवेश द्वार पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। प्रवेश द्वार कार्यालय की पहली छाप होता है। इसलिए इसका ठीक होना प्रवेश कर्ता पर एक स्थायी प्रभाव पैदा करता है ।

मुख्य द्वार अव्यवस्था और फाइलों से मुक्त होना चाहिए, दरवाजे के सामने एक स्वागत कक्ष होना चाहिए। एक अच्छा स्वागत कक्ष  सकारात्मक ऊर्जा का स्पष्ट प्रवाह  बनाता है। 

जो ऑफिस में आने वालों के अंदर आपके प्रति  दृष्टिकोण में सकारात्मकता तथा आत्मविश्वास लाता है। लोग आपके व्यक्तित्व तथा व्यापार की एक छवि अपने भीतर तैयार कर पाते हैं।  

Boss and Staff cabin | बॉस एवं स्टाफ केबिन

सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह के लिए ऑफिस केबिन के लिए वास्तु नियमों का बहुत महत्व होता है। बॉस केबिन या  वह स्थान जहाँ बॉस बैठता है, सभी से स्वीकार्यता एवं  प्रतिक्रियात्मकता को प्रोत्साहित करने वाला होना चाहिए। 

 चाहे वह ऑफिस का आंतरिक कर्मचारी हो,अधीनस्थ या बाहरी ग्राहक ही क्यों न हो सभी के ऊपर ऑफिस या व्यापार के बॉस का प्रभाव अधिकारात्मक प्रभाव होना चाहिए । 

इसलिए वास्तु अनुसार यह स्थान या केबिन हमेशा उज्ज्वलता से भरा हो चाहिए जिससे वहां ऊर्जा एवं शक्ति का उत्सर्जन हो सके। 

नियमानुसार बॉस के केबिन के लिए ऑफिस का दक्षिण-पश्चिम भाग प्रयोग होना चाहिए। बॉस या शीर्ष प्रबंधन को केबिन में बैठते समय अपना मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखना चाहिए।

बॉस के केबिन में बैठने की दिशा एक प्रमुख भूमिका निभाती है, इससे कर्मचारियों के साथ उसके संबंध मजबूत रखने में मदद मिलेगी। 

 जो व्यापारिक विकास को गति देने तथा कार्यालय के लिए एक ऊर्जावान वातावरण बनाने में भी मदद करेगा,इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

sitting arrangement | बैठने की दिशा 

ऑफिस के लिए वास्तु शास्त्र के पहले नियम के अनुसार उद्यमियों को उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठना चाहिए। क्योंकि ऐसा करना आपके व्यवसाय के लिए शुभ माना जाता है। 

सूर्य का उदय पूर्व दिशा में होता है, जो आपके व्यावसायिक लाभ को बढ़ा कर आपकी समृद्धि में वृद्धि में भी एक वरदान सामान काम करता है। 

मार्केटिंग एवं सेल्स के व्यवसाय से जुड़े लोगो को उत्तर-पश्चिम दिशा में बैठना चाहिए। जिससे उनका मुख उत्तर-पूर्व दिशा की और रहे। ऐसा करने से आपके व्यावसायिक लाभ में बढ़ोतरी होती है। 

एकाउंटिंग के क्षेत्र में काम करने वालों को दक्षिण-पूर्व कोने में बैठना चाहिए। उनको अपने व्यावसायिक धन लाभ में वृद्धि के लिए उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए।

व्यवसाय या ऑफिस के बॉस को कार्यालय के पश्चिमी भाग में अपना केबिन बनाना चाहिए। उन्हें उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए ,क्योंकि ऐसा करना उनके नेतृत्व कौशल में सुधार करने में मदद करता है।

आपकी आर्थिक समृद्धि के लिए वास्तु अनुसार अनुकूल दिशाएं उत्तर तथा ईशान कोण होते हैं। वास्तु अनुसार उत्तर दिशा पर धन के देवता भगवान कुबेर का शासन होता है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा जल तत्व द्वारा संचालित होती है, जो व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में निरंतर धनागम को सुनिश्चित करती है। 

वास्तु शास्त्र के अनुसार बेहतर वित्तीय अवसर सुनिश्चित करने के लिए कार्यालय के उत्तरी भाग की उत्तरी दीवार पर एक दर्पण या कुबेर यंत्र रखना लाभदायक होता है। 

Table | आपका डेस्क 

आप जिस डेस्क या टेबल पर बैठकर अपने दैनिक कार्यालीय कार्य संपन्न करते हैं, उसका आकार,स्थिति भी आपके व्यावसायिक लाभ को सुनिश्चित करने में योगदान देता है। 

इसलिए आपको हमेशा अपने डेस्क या टेबल का आकार वास्तु नियमों को ध्यान में रखते हुए ही निर्धारित करना चाहिए ,जिससे आपकी तरक्की हो सके। 

वास्तु नियम के अनुसार जो लोग तैयार सामान से जुड़ा व्यापार करते हैं, या उससे सम्बंधित कार्यालय में नौकरी करते हैं उनको अपनी डेस्क उत्तर-पूर्व दिशा में डेस्क के सामने तैयार माल को नहीं रखना चाहिए। 

क्योंकि उससे माल को बेचने में बाधा उत्पन्न होती है। इसके बजाय तैयार माल को उत्तर-पश्चिम दिशा में रखा जाना चाहिए। जिससे उनकी बिक्री सुनिश्चित हो सके। 

महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेजों को कार्यालय के दक्षिण-पश्चिम दिशा में बनी तिजोरी में बंद करके रखना चाहिए। वित्त तथा व्यापार में समग्र समृद्धि में सुधार के लिए तिजोरी का मुख उत्तर-पूर्व दिशा में रखना चाहिए।

वास्तु अनुसार कार्यालय में  रिसेप्शन एरिया पहली बार आने वाले आगंतुकों के लिए एक स्थायी प्रभाव पैदा करता है। 

इसलिए, रिसेप्शन डेस्क पर फ्रेंच लैवेंडर या हरे जेड फूलों का एक गुच्छा रखने से आकर्षित सकारात्मकता का उत्सर्जन बढ़ जाता है, जिससे सुख समृद्धि आकर्षित होती है।

कार्यालय के प्रवेश द्वार पर चार पत्ती वाला फोर लीफ क्लोवर प्लांट (तिपतिया घास का पौधा) रखा जा सकता है। क्योंकि इससे आपके कार्यस्थल पर सौभाग्य एवं भाग्य आमंत्रित होता है।

व्यवसायियों को हमेशा यह सुनिश्चित करना चाहिए, कि उनकी मेज या डेस्क आयताकार आकार की होना चाहिए।  इसका निर्माण सदैव बेहतर गुणवत्ता वाली लकड़ी से होना चाहिए ।

बॉस के केबिन में अनियमित आकार एवं कांच या धातु की मेज आपके काम में भ्रम, तनाव तथा व्यावसायिक अलगाव को बढ़ावा देती है।

Office paintings and pictures | ऑफिस पेंटिंग

सभी दीवारें, चाहे वह घर की हो या कार्यालय की हों, सार्थक चित्रों से ही सुंदर दिखती हैं। इसलिए पेटिंग्स का दीवारों के आकार,रंग एवं दिशा के अनुसार होना अत्यंत आवश्यक होता है। 

इसलिए हमें किसी भी दीवार पर कोई भी पेंटिंग नहीं लगानी चाहिए। वास्तु के अनुसार प्रत्येक दीवार में एक दिशा निहित होती है ,जो उसके गुण एवं  सशक्तिकरण को दर्शाती है।

ब्रह्माण्ड की सकारात्मक शक्तियों के संतुलन,उनको आकर्षित करने एवं सही उत्सर्जन के लिए हमारे घर या कार्यस्थल पर लगाई जाने वाली पेंटिंग्स भी  महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 

यदि आपके कार्यालय में उत्तर-पूर्व कोना नहीं है, तो आप उत्तर दिशा में एक अंतहीन सड़क की पेंटिंग लगा सकते हैं। इससे आपके वर्कफ़्लो में अनेक अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।

यदि आप अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार में है या जुड़ने की इच्छा रखते  है ,तो ऑफिस में पश्चिम दिशा की दीवार पर ऊँट की पेंटिंग आपके व्यवसाय में विदेश व्यापार के अवसर लाती है।

ऑफिस में दक्षिण दिशा वह जगह है ,जहां खाते एवं इ -फाइलिंग जैसी सभी गणनाएं की जाती हैं। इस दिशा की दिवार पर सात दौड़ते घोड़ों की एक पेंटिंग, व्यवसाय में पदोन्नति, प्रसिद्ध , लोकप्रियता का मार्ग प्रशस्त करती है।

वास्तु के अनुसार घोड़ा जीत, शक्ति एवं गति का प्रतीक होता है। गहरे भूरे रंग के घोड़ों वाली पेंटिंग अधिक आकर्षक एवं समृद्धि कारक होती है।

घोड़े की पेंटिंग में सूर्य या वाटर बॉडी से बचना चाहिए। सही वास्तु के लिए पूरी पेंटिंग अपने साथ अधूरे की तुलना में अधिक फल लाती है।

Plants | पेड़ पौधे

वास्तु शास्त्र के अनुसार ऑफिस में पौधों को लगाना अच्छा होता है,क्योंकि पौधे अपने साथ ताजगी एवं  शांति लाते है। 

ऑफिस में इनडोर पौधों का मुख्य रूप से उपयोग किया जाता है। इनकी उचित देखभाल किया जाना आवश्यक होता है। ऑफिस में लगे पौधों की सूखी पत्तियां समय समय पर साफ करते रहना चाहिए। 

इसके अलावा वास्तु के हिसाब से ऑफिस में लगाए जाने वाले पौधों की जानकारी भी प्रदान की गयी है –

पीस लिली

पीस लिली ओफिस में लगाने से स्टाफ में अनुकूलन क्षमता में बढ़ावा मिलता है। इसकी मध्यम जलवायु में जीवित रहने की क्षमता स्टाफ के लोगों में कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता को बढ़ाती है। 

स्नेक प्लांट

यह पौधा हालांकि फूल नहीं देता है, लेकिन इसमें दृढ़ और मोटे पत्ते होते हैं। यह पौधा आपके ऑफिस में  सकारात्मकता लाता है, तथा नकारात्मक वाइब्स से  मुक्त करता है। 

यह आपके कर्मचारियों में एकजुटता एवं वैचारिक एकता लाता है, जिससे व्यावसायिक निर्णयों को लेने में आसानी होती है। 

तुलसी का पौधा

वैज्ञानिक रूप से भी यह देखा गया है कि घर के बाहर तुलसी का पौधा संक्रमण तथा हर प्रकार की बीमारी को दूर रखता है। 

इसके शुभ प्रतिफल एवं अपार औषधीय मूल्यों के कारण आपको अपने ऑफिस में तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। 

इससे आपके कार्यालय में  सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह हो सकेगा। 

कार्यालय में मंदिर

हम सभी एक सर्वोच्च ब्रह्म शक्ति या ईश्वर में विश्वास करते हैं। अपने घर में इसी कारण हम मंदिर, पूजा स्थल या पवित्र स्थान की स्थापना करते हैं। 

अपने व्यावसायिक स्थल पर भी पवित्रता एवं सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए हम मंदिर या पूजा स्थल की स्थापना करते हैं। 

वास्तु शास्त्र के अनुसार, व्यावसायिक स्थल पर मंदिर या पूजा घर को  उत्तर, उत्तर-पूर्व दिशा के कोने में रखना चाहिए।

कार्यालय में नियम के अनुसार मंदिर में सही आकार की मूर्तियाँ लगानी चाहिए। एक जग में पानी रखना चाहिए तथा प्रतिदिन इसका सेवन करना चाहिए।

मंदिर में पुराने फूलों, जली हुई अगरबत्ती आदि को रोज़ साफ करना महत्वपूर्ण होता है। दीया का मुंह दक्षिण दिशा की ओर रखना अनुचित होता है। ऐसा करने से धन हानि होती है। 

Office toilet | ऑफिस टॉयलेट

किसी भी ऑफिस में टॉयलेट या बाथरूम का होना जरूरी होता है।  इसके बिना आप कार्यालय की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। 

आपके कार्यालय के आकार के आधार पर आपको प्रत्येक मंजिल पर टॉयलेट के लिए एक से अधिक स्थान आवंटित करने की आवश्यकता हो सकती है।

अपने कार्यालय के लेआउट की योजना बनाते समय आपको रेस्ट रूम को भी ध्यान में रखना होगा। वास्तु के अनुसार टॉयलेट नकारात्मक ऊर्जा के केंद्र होते हैं।  

अगर इसे आपके ऑफिस के गलत सेक्शन में बना दिया जाए तो उनकी नकारात्मक ऊर्जा आपके व्यवसाय पर बुरा असर डाल सकती है। 

ऑफिस में हमेशा वॉशरूम को पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में रखें, तथा हर तरह से उन्हें पूर्व, उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में रखने से बचें।

वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर आपके ऑफिस स्पेस का निर्माण सही तरीके से करते हैं, तो आपके व्यवसाय में वृद्धि एवं समृद्धि आती है।

Tips for positivity | सकारात्मक ऊर्जा के उपाय

वास्तु की सहायता से आप अपने कार्यस्थल पर सकारात्मक ऊर्जा उत्सर्जन को बढ़ा सकते है ,जिससे आपके व्यापर एवं रोज़गार में वृद्धि हो सके। 

कभी भी अपने कार्यालय की डेस्क पर सोना नहीं चाहिए।  ऐसा करके आप नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं। हमेशा अपने काम की जगह पर सजग एवं जागृत अवस्था में रहना चाहिए। 

अपने डेस्क को हमेशा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था मुक्त रखना चाहिए । व्यावसायिक कागज, किताबें आदि हमेशा इस्तेमाल न होने पर बंद रखना चाहिए । 

दस्तावेजों को उनके महत्व के अनुसार क्रमबद्ध कर रखना चाहिए । साथ ही वित्तीय समृद्धि में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए टूटी हुई स्टेशनरी को त्याग देना चाहिए।

कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी पीठ कभी भी उनके केबिन में दरवाजे की ओर न हो क्योंकि यह अवस्था उन्हें लोगों को प्रवेश करते हुए देखने से रोकती है ।

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ऐसा करना दूसरों के अंदर आपके  काम पर अविश्वास को बढ़ावा दे सकता है। सहकर्मियों का विश्वास जीतने के लिए कुर्सी की सीट के पीछे पहाड़ के दृश्यों वाली एक तस्वीर लगाएं। 

इससे लोगों को आपकी उच्च व्यावसायिक क्षमता का एहसास होता है। क्योंकि इससे आपके प्रति दूसरों का समर्थन बढ़ता है। अपने व्यावसायिक साथियों के साथ बेहतर संचार को बढ़ावा देने के लिए आप डेस्क पर फ़िरोज़ा पिरामिड भी रख सकते हैं।

यदि आप उपरोक्त वास्तु नियमों का पालन अपने व्यावसायिक कार्यालय पर रखते है, तो वहां पर सकारात्मक ऊर्जा का उत्सर्जन अधिक होगा। 

सकारात्मक ऊर्जा आपके व्यापार,रोज़गार एवं नौकरी में समृद्धि तथा तरक्की का मार्ग प्रशस्त करने में आपकी सहायता करेगा। ये सभी उपाय आपके धनागम के आगमन को भी सुनिश्चित करते हैं। 

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