दुर्गा बीसा यंत्र ( Durga Beesa Yantra ) देवी दुर्गा की शक्तियों का  सबसे शुद्ध रूप है। स्वास्थ्य, धन, आराम, विलासिता, बहुतायत,और रिद्धि- सिद्धि की प्राप्ति के लिए स्थापित किया जाता है।

माता दुर्गा एक रक्षक भी है, जो सभी बुरी ऊर्जाओं, दुर्घटनाओं, बीमारियों, शत्रुओं और दुखों से हमारी रक्षा करती है। एक मान्यता के अनुसार जिसके पास यंत्र होता है, उसकी क्षमता से बाहर कुछ भी नहीं होता है!

दुर्गा सप्तशती के अध्याय 4, श्लोक 17 के अनुसार, इस यंत्र की पूजा करने से दरिद्रता दूर होती है, और व्यक्ति को झगड़े, हिंसा आदि से भी यह यंत्र बचाता है।

इसके बारे में एक सामान्य कहावत है। कि “जिसके पास हो बीसा उसे क्या करेगा जगदीशा” अर्थात जिसके पास बीसा यंत्र है, उसे भगवान जगदीश या विष्णु भी नुकसान नहीं पहुंचा सकते। 

यह यंत्र व्यापार में धन और सौभाग्य को आकर्षित करने के लिए भी अत्यंत शक्तिशाली है, और इसलिए, कभी-कभी, इस यंत्र को लक्ष्मी बीसा यंत्र भी कहा जाता है। 

यंत्र की रोजाना पूजा करने से व्यक्ति बुरे सपने और मुसीबत से छुटकारा पाता है, और उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह कठिनाइयों को दूर करने के साथ ही शत्रुओं को नष्ट भी करता है। 

Durga Beesa Yantra Structure | दुर्गा बीसा यंत्र की ज्यामिति संरचना

यह त्रिकोण के आकार का  होता है। जिसमें एक केंद्र और उसके आसपास नौ त्रिकोण खाने होते हैं।

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इनकी जमावट इस तरह होती है, कि यह एक त्रिकोण की तरह नजर आता है। इससे अलग-अलग खानों में 1 से 9 तक के अंक लिखे होते हैं और केंद्र में ‘दुं” लिखा होता है।

इसका निर्माण  रवि-पुष्य, रवि-हस्त, गुरु-पुष्य, नवरात्रि, धनतेरस, दीपावली या सूर्य-चंद्रग्रहण में लाभ के चौघड़िए में शास्त्रोक्त विधि से तैयार किया जाना चाहिए।

शुभ मुहूर्त में एक अनार के पेड़ की डाली तोड़कर पत्थर पर घिसकर उससे कलम तैयार करनी चाहिए। 

इस यंत्र को भोजपत्र पर, एक कोरे कागज परअष्टगंध स्याही ( केसर, कस्तूरी, गोरोचन, लाल चंदन, सफेद चंदन, कपूर, अगर-तगर और कुमकुम मिलाकर बनाई स्याही ) से या यह उपलब्ध न हो तो केसर की स्याही से इसका निर्माण करना चाहिए।

यंत्रो के प्रयोग के आरंभ के पीछे जुड़े कारणों और लाभ के विषय में जानने के लिये yantra अवश्य पढ़े।

Benifits of Durga Beesa Yantra | दुर्गा बीसा यंत्र के लाभ

1 यह यंत्र इसे स्थापित करने वाले को ब्रह्मांडीय सुरक्षा प्रदान करता है।

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Credit ; Werner Heiber

2 यह आपको सभी भौतिक सुखों और सामग्री की प्राप्ति का आशीर्वाद देता है।

3 यह आपके जीवन में दुखों को आने से रोकता है।

4 यह यंत्र आपके जीवन में अपार वित्तीय और करियर सम्बंधित सफलता के मार्ग तैयार करता है। 

5 यह यंत्र जातक के जीवन में व्यापार वृद्धि सुनिश्चित करता है।

6 यह अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करता है, और बीमारियों से बचाता है।

7 यह आपको कभी भी नकदी की कमी का सामना नहीं करने देता।

8 यह वित्तीय सफलता, स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करता है।

9 यह काले जादू, बुरी नजर, आत्माओं और बुरे प्रभावों के प्रभाव को कम करता है।

10 यह दुश्मनों से रक्षा करता है और आपको उन पर जीत हासिल करने में मदद करता है।

11 यह दुर्घटनाओं से बचाता है।

12 यह घर से झगड़ों को दूर करता है और घर में सद्भाव और शांति लाता है।

13 यह छात्रों के ध्यान को केंद्रित और  विकसित करता है और शिक्षा में सफलता सुनिश्चित करता है।

14 यह ग्रहों के दुष्प्रभाव को समाप्त करता है।

Pooja Vidhi for Durga Beesa Yantra | दुर्गा बीसा यंत्र का पूजन और उपयोग कैसे करें

प्रत्येक यंत्र की स्थापना और पूजन की विधि अलग अलग होती है। यदि हम इसकी स्थापना और पूजन से नहीं हमें अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते है। बल्कि कई बार तो हम विपरीत प्रभाव भी हो सकते है। 

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Credit : Alexander Gounder

इसलिए सही प्रकार से स्थापित और अभिमंत्रित यंत्र की विधि विधान से पूजा की जाना चाहिए, ताकि आपको सही प्रतिफल की प्राप्ति हो सके। 

तो चलिए जानते है, इस यंत्र को स्थापित करने और पूजन की सही विधि और संस्कार। 

सर्वप्रथम प्रातःकाल उठ कर नित्यक्रम से निवृत होकर स्नान करने के पश्चात् सही स्थान पर शुद्ध मन से यंत्र स्थापना विधि का प्रारम्भ करें। 

यंत्र को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके किसी स्वच्छ और पवित्र स्थान पर रखें।

अन्य लोगों को यंत्र को छूने न दें।

स्थापना से पूर्व यंत्र को गुलाब जल या कच्चे दुध से शुद्ध करें इसके उपरांत स्वच्छ वस्त्र की सहायता से इसे सूखा लें। 

बाद में भी दैनिक पूजन में समय-समय पर यंत्र को गुलाब जल या दूध से धोते रहें। फिर, इसे पानी से धो लें और स्वच्छ वस्त्र से पोंछ कर सूखा लिया करें। 

समय के साथ यंत्र का रंग बदल सकता है। हालांकि यह यंत्र की शक्ति को कम नहीं करता है।

दुर्गा बीसा यंत्र के चारों कोनों पर और केंद्र में चंदन के लेप के गोल बिंदु रखें।

पूजन में यंत्र के समक्ष  मोमबत्ती या घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। आप प्रसाद के रूप में ताजे या सूखे मेवे भी चढ़ा सकते हैं।

तत्पश्चात यंत्र के समक्ष किसी भी दुर्गा मंत्र का 11, 51 या 108 बार जाप करें।

दैनिक पूजन में भी इसी यंत्र की पूजा करें आपको मनचाहा प्रतिफल देवी की कृपा से प्राप्त होगा। धन प्राप्ति सम्बंधित जानकारी के लिये कुबेर यंत्र भी पढ़े जिसके लिये Kuber Yantra पर क्लिक करे।

Mantra for Durga Beesa Yantra | दुर्गा बीसा यंत्र के लिए जाप मंत्र

“कात्यायनी विधि महे”

“कन्या कुमारी धी माहि”

“तन्नो दुर्गा प्रचोदयाती”

Precaution during Durga Beesa Yantra Sthapna | यंत्र स्थापना पूर्व और बाद में ध्यान देने योग्य बातें

वैसे तो किसी भी यंत्र स्थापना से पूर्व उसको सही विधि विधान से ज्ञानी व्यक्ति से अभिमंत्रित करवाना आवश्यक होता है। लेकिन दुर्गा बीसा यंत्र के मामले में यह और भी ज़रूरी हो जाता है। 

क्योंकि इसमें माता दुर्गा की समस्त शक्तियों का आव्हान करके समाहित किया जाता है, ताकि जातक को सही परिणाम मिल सकें। 

इसलिए इस बात का विशेष ध्यान रखें की आप अपने दुकान या घर पर इस यंत्र की स्थापना से पहले इसे किसी ज्ञानी व्यक्ति से सही विधि विधान से अभिमंत्रित करवा लें। 

स्थापना के दौरान और उसके बाद भी ध्यान रखने की आपके अलावा कोई और व्यक्ति यंत्र को न छुए। 

आप दैनिक रूप से सही विधि विधान से यंत्र की  पूजा  करें, ताकि देवी की कृपा आप पर निरंतर बनी रहे। 

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