नींद मनुष्य के जीवन का सबसे अहम हिस्सा है, क्योंकि हमारी नींद पर हमारा स्वस्थ होना निर्भर करता है। यदि हम सही प्रकार से अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते तो हमारा बीमार होना लगभग तय होता है।

हर किसी की अपनी पसंदीदा स्लीपिंग पोजीशन या सोने का तरीका होता है। भले ही विशेषज्ञों का कहना है कि यह पूरी तरह से आदतन हो सकता है, लेकिन यह किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य के ऊपर काफी हद तक प्रभाव डालता है।

कई बार हम जिस अवस्था ( sleeping position ) में सोते हैं, उससे हमें पीठ या गर्दन में दर्द की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि हमारी रीढ़ पर इससे बुरा प्रभाव पड़ता है। 

मनुष्य अपने संपूर्ण जीवन का एक चौथाई से एक तिहाई हिस्सा सोने में व्यतीत करता है। साल 1950 से पहले अधिकतर लोगों का मानना था, कि नींद में मानव शरीर निष्क्रिय अवस्था में चला जाता है। 

समझा जाता था, कि नींद में मनुष्य का मस्तिष्क एवं शरीर दोनों ही पूरी तरह निष्क्रिय हो जाते है, तथा इस दौरान मनुष्य कुछ भी महसूस नहीं कर सकता है ऐसा माना जाता था। 

आगे चलकर की गयी खोजों के आधार पर यह सिद्ध हो पाया, कि नींद एक ऐसी अवधि होती है, जिसके दौरान हमारा मस्तिष्क जीवन के लिए आवश्यक कई गतिविधियों में लगा रहता है। 

आमतौर पर यह माना जाता है, कि जिस तरह से आप सोते हैं वह आपके संपूर्ण स्वास्थ्य एवं  तंदुरूस्ती के बारे में बहुत कुछ जानकारी प्रदान कर सकता है। क्योंकि आपकी नींद एवं आपके स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सम्बन्ध होता है। 

विशेषज्ञों के अनुसार हमारी नींद या सोने का तरीका न केवल हमारे स्वास्थ्य पर बल्कि हमारे कामकाजी जीवन पर भी बहुत प्रभाव डालता है। 

इसलिए, हमें अपने जीवन में तनाव से निपटने, व्यायाम करने एवं अन्य जीवनशैली में बदलाव लाकर अपनी सोने की आदतों को नियंत्रित करना सीखना चाहिए।

Why good sleep is important | आपके लिए नींद क्यों आवश्यक है 

यदि किसी रात आप अच्छे से सो नहीं पाते हैं, तो अक्सर अगले दिन उठने पर आप खुद को थका हुआ बोझिल महसूस करते है। 

जो इस बात की पुष्टि करता है, कि आपकी सुखद नींद का होना आपके सुबह तरोताज़ा महसूस करने के लिए कितनी आवश्यक होती है। 

आपके द्वारा रात को ली गयी आरामदायक नींद आपके मस्तिष्क को दिनभर की क्रियाशीलता के लिए प्लास्टिसिटी एवं ग्रहणशीलता की शक्ति को बढ़ावा प्रदान करती है। 

यदि हम अक्सर रात को बहुत कम सोते हैं, तो हम दिन के दौरान सीखी गई बातों को संसाधित करने में असमर्थ हो जाते हैं, जिससे हमें भविष्य में इसे याद रखने में अधिक परेशानी होती है।

शोधकर्ताओं का यह भी मानना ​​है, कि नींद मस्तिष्क की कोशिकाओं से अपशिष्ट उत्पादों को हटाने की क्रिया को भी बढ़ावा देती है। जिन का हमारे जगे होने पर पूरा होना असंभव होता है। 

नींद हमारे शरीर के बाकी हिस्सों के लिए भी उतनी ही जरूरी है, जितनी हमारे मस्तिष्क के लिए होती है । जब लोग पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो उनके स्वास्थ्य को लेकर जोखिम बढ़ जाते हैं।

पर्याप्त एवं सही प्रकार से नींद न लेने से हम अनिंद्रा, रक्तचाप एवं माइग्रेन जैसे रोगों  से पीड़ित हो जाते है, जो आगे चलकर अन्य गंभीर एवं लाइलाज बिमारियों में बदल सकते है। 

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Best sleeping positions | उपयुक्त रूप से सोने के तरीके 

हम सभी के सोने के अलग-अलग तरीके होते है। हम जिस अवस्था में खुद को आरामदायक महसूस करते है, उस अवस्था में सोते है। 

लेकिन जब सोने की उपयुक्त अवस्था की बात आती है, तो हम निम्न अवस्थाओं को अपनी पर्याप्त एवं आरामदायक निंद्रा पूर्ति के लिए चुन सकते है। 

Is it good to sleep on your back? | पीठ के बल सोना

अपनी पीठ के बल सोना कुछ लोगों के लिए अच्छी स्थिति हो सकती है। यह चेहरे की झुर्रियों एवं घावों पर दवाब पड़ने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। 

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इस अवस्था में सोने से एसिड रिफ़्लिक्स की समस्या के बढ़ने के आसार भी कम हो जाते हैं, जो आपके स्वस्थ रहने के लिए आवशयक होता है। 

अपनी पीठ के बल सोने सोते समय एक सही प्रकार के  गद्दे एवं  एक तकिया का उपयोग करने का प्रयास करें, जो आपके सिर और गर्दन को तटस्थ स्थिति में रख सके। 

इस अवस्था में सोते समय आपको अपने घुटनों एवं  कूल्हों को सहारा देने के लिए बॉडी पिलो का उपयोग करने से भी मदद मिल सकती है।

यदि आप गर्भवती हैं, तो पीठ के बल सोना आपके लिए विशेष रूप से फायदेमंद सिद्ध हो सकता है, क्योंकि यह पीठ और टांगों में दर्द के विकास के जोखिम को कम करने में मदद करता है।

हालांकि, यदि आप अपनी गर्भावस्था के दूसरी या तीसरी महीने में चल रही में हैं, तो यह जानना ज़रूरी है कि आपकी पीठ के बल सोने से आपके गर्भाशय का भार आपके गर्भाशय नाल  पर पड़ सकता है।

Side Sleeping | करवट से सोना 

करवट लेकर सोना कुछ लोगों के लिए एक अच्छी स्थिति हो सकती है। यह आपके चेहरे एवं  प्रेशर सोर के विकास के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। 

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करवट लेकर सोना  उन लोगों के लिए भी मददगार हो सकता है ,जो खर्राटे लेते हैं या स्लीप एपनिया से पीड़ित हैं। ज़ुकाम होने पर भी करवट लेकर सोना लाभदायक रहता है। 

करवट से सोते समय यदि आप अपने गर्दन के नीचे सही आकार का तकिया रखते हैं तो आपको अपने सर एवं कन्धों को सही प्रकार से रखने में सहायक रहता है। 

यदि आपको स्लीप एपनिया है, तो करवट लेकर सोना विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह आपके वायुमार्ग को खुला रखने में मदद कर सकता है।

उलटे हाथ की तरफ करवट लेकर सोने से आपको एसिडिटी की समस्या से राहत मिलती है। यदि आप लेट खाना खाया हो तो इस अवस्था में सोना अत्यंत लाभदायक रहता है। 

यदि आप गर्भवती हैं, तो करवट लेकर सोना विशेष रूप से फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि यह पीठ और टांगों में दर्द के विकास के जोखिम को कम करने में मदद करता है। 

आमतौर पर गर्भावस्था के दौरान बाईं करवट सोने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह गर्भनाल तक पहुंचने वाले रक्त और पोषक तत्वों की मात्रा को बढ़ाने में मदद कर सकता है।

Sleeping on Stomach | पेट के बल सोना 

पेट के बल सोने की अवस्था या  तरीके को सामान्यतः सही नहीं माना जाता है। इससे आपकी पीठ एवं गार्डन पर दवाब पड़ता है, जो आपके लिए अत्यंत नुकसानदायक हो सकता है। 

इस अवस्था में सोने से आपके सौन्दर्य पर भी दुष्प्रभाव पड़ते है, क्योंकि इससे आपके चेहरे पर झुर्रियों की समस्या में बढ़ोतरी हो जाती है। 

यदि आप अपने पेट के बल सोते हैं, तो अपने सिर एवं गर्दन को सही  स्थिति में रखने में मदद करने के लिए सहायक गद्दे और पतले तकिए का उपयोग करना महत्वपूर्ण होता है।

आप अपने कूल्हों एवं  पैरों को सहारा देने के लिए बॉडी पिलो या कुशन लेकर सोना भी आपके लिय बेहतर रहता है।  

उपरोक्त तथ्यों के आधार पर आप अपने आरामदायक रूप से सोने की स्थिति का चुनाव कर सकते है। 

इस शब्द की उत्पत्ति कैसे हुयी ? आदि प्रश्नो के उत्तर जानने के लिये “गैस लाइटिंग क्या है ? ” (What is Gaslighting) अवश्य पढ़े।

इससे प्रभावित व्यक्ति के लक्षण एवं बचने के उपाय जानने के लिये Gaslighting symptoms and precautions और इससे होने वाले विस्तृत दुष्प्रभावों को जानने के लिये Gaslighting side effects पर जाये।

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